ज्ञान की क्षैनी और अनुशासन के हथौड़े से,अनगढ़ पत्थर तलाशते हैं। पत्थर से मनुष्य बनाते हैं। किसी किसी को संत भी बनाते है। माँ सरस्वती के मन्दिर के पुजारी हैं। अमूर्त को मूर्त रूप देते हैं, कभी कभी देवता भी गढ़ते हैं। मूर्तिया भी बिकती है बाजारों में पर हमें कोई नहीं क्रय कर पाते हैं, तभी देवताओ से भी अधिक पूज्य माने जाते हैं।:@SHISH कटारे Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps July 10, 2025 Read more